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sadasya ke baat:Arjun Ram Jangid

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-- New user message (talk) 06:11, 9 Juun 2024 (UTC)[jawaab do]

श्री चमत्कारी प्रकट हनुमानजी का मंदिर आलासन जालौर[source ke badlo]

भारत एक ऐसा देश है जहां सभी धर्मो के लोग रहते है जिनके सभी मंदिर, मस्जिद, गिरजाघर, चर्च,, दरगाह, गुरुद्वारे आदि बने हैं जिनके पीछे कई कथाए,चमत्कार, वेदों में इतिहास देखने को मिलता है ऐसे ही हिंदू पौराणिक कथन के आधार पर बने एक प्राचीन मंदिर के बारे में सबको पता रहता है उस में ऐसे भारत में कई मंदिर है जिनका अलग- अलग कथाओं में वर्णन मिलता है कोई राजा ,महाराजा के समय में बने तो कोई देश की आजादी के बाद किसी न किसी कारण से बने हैं। वो कई गावों में तो शहरो में बने है तो सबके पिछे कोई न कोई राज छिपा हुआ हैं। उसी प्रकार राजस्थान के जालौर जिले के ग्राम आलासन में बने चमत्कारी प्रकट श्री राम के भक्त श्री हनुमानजी के मंदिर का भी एक गहरा इतिहास रहा है। पौराणिक कथाओं के अनुसार राजस्थान के जालौर जिले में स्थित ग्राम आलासन के इस मंदिर की कथा, कथन है। एक बार हरी शंकर जी नामक एक बुजुर्ज व्यक्ति अपने बैल गाड़ी पर पत्थर के बड़े टुकड़े (चिन लंबा टुकड़ा) लेकर जा रहे थे रात का समय था यात्रा बहुत लंबी थी तो मध्य रात्रि विश्राम के समय अपनी बैल गाड़ी रोकी और जंगल में विश्राम करने लगे तभी एक हादसा ऐसा हुआ की बैल गाड़ी पर रखे पत्थर बेलों को गाड़ी से अलग करते समय नीचे गिर गए जिनको दुबारा उठा कर बैलगाड़ी पर रखना नामुमकिन था एक व्यक्ति के सहारे और अगली सुबह दूसरे गांव भी पहुंचना था तब वो भारी संकट में आ गए और हनुमानजी के सच्चे भक्त होने के नाते उन्होंने अपने सच्चे मन से हनुमानजी को याद किया तो हनुमानजी एक मानव रूपी शरीर बाबा में प्रकट हुए और उनकी मदद कर पत्थर के टुकड़े बेलगाड़ी पर लदवा दिए और कहा की झाल के पेड़ के नीचे दबी प्रतिमा को बाहर निकाल देना यह कह कर चल दिए हरिशंकर जी मन ही मन विचार करने लगे की मैने तो हनुमानजी को याद किया और यह बाबा कौन थे? इधर उधर देखा कोई नज़र नहीं आया अगली सुबह गांव में गए और लोगों को बताया तो सब चकित रह गए आखिर माजरा क्या है?

कुछ लोगों ने हरिशंकर जी के बात पर विश्वास किया और बोले चलो उस पेड़ की तरफ और वहा पहुंच कर जमीन खोदी तो एक पत्थर की प्रतिमा बाहर निकली उसके बाद उसी पेड़ के नीचे स्थापना पर लोगों द्वारा पूजा अर्चना शुरू की उसके बाद लोगों का आना जाना लगा रहा और कई लोगों ने मन्नतें मांगी जो बालाजी महाराज के पूरी की जिसके बाद धीरे धीरे मंदिर का निर्माण हुआ और नाम पड़ा श्री चमत्कारी प्रकट हनुमानी महाराज आज एक बड़ा भव्य मंदिर बना हुआ है जिसके साथ चार और भी मंदिर बने जिनमें श्री लोक देवता बाबा रामदेजी का और, राधा कृष्ण, शिवजी, के साथ रामजी का मंदिर भी बना हुआ है आज कई लोग दूर दूर से बालाजी महाराज, हनुमानजी के दर्शन करने आते है और अपनी मनोकामना पूर्ण करने हेतु हनुमानजी को रोट, सुरमा आदि का भोग लगाते हैं। इस भव्य मंदिर का वार्षिक महोत्सव मेले के रूप में चेत्र पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है उसमें लाखों लोगों की भीड़ लगी रहती है कई तरह की दुखने लगती है और रात्रि भजन संध्या का कार्यक्रम किया जाता हैं। और हाल ही में एक बड़ी मूर्ति हनुमानजी की भी लगाई हुई है । hi:हनुमान जयंती यह मंदिर लगभग 4 एकड़ के बना हुआ है यहां धर्मशाला भी है जिसमें 50 कमरे बने हुए है भक्त लोगों के रहने खाने पीने की उत्तम सुविधा है मंदिर के ट्रस्ट के द्वारा खास बात यह भी है की स्वादिष्ट साधा भोजन भी भोजनशाला में उपलब्ध है। यह जालौर से 25 किलोमीटर की दूरी में मैन रोड पर ग्राम आलासन में स्थित है। यहां लोकल बस द्वारा भी आने जाने की सुविधा है कार पार्किंग जैसी भी सुविधा है। मंदिर के दूरी तरफ एक बड़ी गौशाला भी है जिसमें हनुमानजी गौशाला के नाम से जानी जाती है। जिसमें 500 की संख्या में गौवंश है जिनकी देख रख के लिए कई कर्मचारीयों की नियुक्ति की हुए है हर साल दान दाताओं की तरफ से क्या गौशाला में चारा आदि दिया जाता हैं।

श्री राम भक्त हनुमान जी महाराज

Arjun Ram Jangid (talk) 07:41, 9 Juun 2024 (UTC)[jawaab do]